NEET Paper Leak: आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक बार फिर नीट समेत कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कांड के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया से पूछताछ शुरू कर दी है। पटना की एक विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को ईओयू की दो दिनों की रिमांड पर दे दिया है। अब तक की जाँच से पता चला है कि संजीव का नेटवर्क बिहार के अलावा देश के कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ है।

नीट पेपर लीक: रिमांड पर संजीव से गहन पूछताछ
ईओयू अधिकारियों ने बताया कि दो दिन की रिमांड का पूरा इस्तेमाल संजीव से गहन पूछताछ के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, संजीव मुखिया ने शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियाँ साझा की हैं। उसने कबूल किया कि उसकी टीम न सिर्फ़ बिहार में, बल्कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में भी सक्रिय थी। इन राज्यों में स्थानीय सहयोगियों के ज़रिए पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह संचालित किए जाते थे।
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NEET Paper Leak: सीबीआई भी तैयार कर रही अपनी रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अब संजीव मुखिया को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है। चूंकि मामला कई राज्यों से जुड़ा है और इसकी जड़ें गहरी हैं, इसलिए सीबीआई संजीव से उसके राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। उम्मीद है कि सीबीआई अगले कुछ दिनों में संजीव की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी देगी।
पेपर लीक गिरोह के सरगना का पर्दाफाश
संजीव मुखिया को पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि उसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करके उम्मीदवारों को उत्तर याद करवाए थे और इसके बदले में उनसे लाखों रुपये वसूले थे। कई बार तो उम्मीदवारों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने की अनुमति भी मिल जाती थी। ईओयू अब संजीव के बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन की जांच कर रही है।
भविष्य की कार्यनीति
ईओयू के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि संजीव से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही कई अन्य लोगों की गिरफ़्तारी संभव है। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी भी तेज़ कर दी गई है। इसके अलावा, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठे हैं। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँगे।





