Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

फाल्गुन मास 2026: हिंदू कैलेंडर का आखिरी और सबसे उल्लासपूर्ण महीना, क्यों है खास और क्या करें, क्या न करें?

On: February 2, 2026 7:23 AM
Follow Us:
फाल्गुन मास 2026: हिंदू कैलेंडर का आखिरी और सबसे उल्लासपूर्ण महीना, क्यों है खास और क्या करें, क्या न करें?
---Advertisement---

फाल्गुन मास हिंदू पंचांग का बारहवां और अंतिम महीना है, जो वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में फाल्गुन मास की शुरुआत 2 फरवरी (सोमवार) से हो रही है और यह 3 मार्च 2026 तक चलेगा। यह महीना न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मौसम में ठंड से गर्माहट की ओर बदलाव, फूलों की महक, रंगों का उत्सव और प्रेम-भक्ति का संगम भी है। इस महीने में महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्व पड़ते हैं, जो भक्ति, उत्सव और नकारात्मकता से मुक्ति का संदेश देते हैं।

add

फाल्गुन मास क्यों है इतना खास?
वसंत का आगमन: शीतकाल की समाप्ति और वसंत की शुरुआत। प्रकृति खिल उठती है, फूल खिलते हैं और जीवन में नई ऊर्जा आती है।
देवताओं का विशेष महीना: यह महीना भगवान शिव, भगवान श्रीकृष्ण और चंद्र देव की उपासना के लिए समर्पित है। कामदेव-शिव की कथा से जुड़ा होने के कारण यह प्रेम और भक्ति का प्रतीक है।

मुख्य पर्व और त्योहार
महाशिवरात्रि (शिव पूजन और व्रत का सबसे बड़ा दिन)
होली (रंगों का त्योहार, होलिका दहन)
फाल्गुनी पूर्णिमा (होली की पूर्णिमा)
फुलेरा दूज, चंद्र दर्शन आदि

आध्यात्मिक महत्व

इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह भक्ति, दान और उत्सव का महीना है, जहां मनुष्य नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मकता अपनाता है।

फाल्गुन मास में क्या करें? शुभ कार्य और उपाय
फाल्गुन में भक्ति और उत्सव की अधिकता रहती है। इन कार्यों से जीवन में सुख-समृद्धि और भाग्योदय होता है।
भगवान शिव की पूजा: रोज शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और गुलाल चढ़ाएं। महाशिवरात्रि पर व्रत और रात्रि जागरण विशेष फलदायी।
श्रीकृष्ण और राधा की उपासना: बालकृष्ण रूप में पूजन संतान सुख के लिए, युवा रूप में दांपत्य जीवन मधुर बनाने के लिए और गुरु रूप में मोक्ष के लिए।
चंद्र देव की पूजा: चंद्रमा को अर्घ्य दें, खासकर पूर्णिमा पर।
पीपल पूजन: पीपल के पेड़ की परिक्रमा और पूजा करें।
दान-पुण्य: गरीबों को दान दें, कंबल, अनाज या फल बांटें। यह महीना दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
घर-मंदिर की सफाई: घर और पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें। रोज सामान्य जल से स्नान करें।
होली की तैयारियां: रंग खेलें, होलिका दहन में भाग लें और रंगों से नकारात्मकता जलाएं।
भक्ति गीत-संगीत: भजन-कीर्तन करें, इससे मन प्रसन्न रहता है।

फाल्गुन मास में क्या न करें? अशुभ कार्यों से बचें
इस पवित्र महीने में कुछ कार्यों से बचना चाहिए, वरना नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मांसाहार और मदिरा: मांस, मदिरा, शराब और तामसिक भोजन से पूरी तरह दूर रहें।
नकारात्मक विचार और क्रोध: मन में किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या गुस्सा न लाएं। अपशब्द न बोलें।
अनावश्यक झगड़े: परिवार या पड़ोसियों से विवाद न करें। शांति बनाए रखें।
अशुद्धता: पूजा स्थल को गंदा न रखें। अस्वच्छता से बचें।
अनुचित संबंध: इस महीने में कामवासना से दूर रहें, क्योंकि यह भक्ति का महीना है।
अनावश्यक खर्च: फिजूलखर्ची से बचें, खासकर होली के बहाने।

फाल्गुन मास जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। यह महीना हमें सिखाता है कि ठंडी सर्दी के बाद वसंत जरूर आता है। ठीक वैसे ही, कठिनाइयों के बाद सुख और खुशी आती है। इस महीने भगवान शिव और श्रीकृष्ण की भक्ति से मन को शुद्ध करें, होली के रंगों में डूबकर पुरानी कटुता को धो डालें और वसंत की तरह खिल उठें।
यदि आप इस महीने के नियमों का पालन करेंगे, तो निश्चित रूप से भाग्य चमकेगा और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment