नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच झारखंड के धनबाद जिले में रविवार देर रात एक बड़ी आपराधिक घटना सामने आई। सरायढेला थाना क्षेत्र स्थित सिंह मेंशन में अज्ञात अपराधियों ने बमबाजी कर पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। यह वही आवास है, जहां झरिया की वर्तमान विधायक रागिनी सिंह, पूर्व विधायक संजीव सिंह और झरिया की पूर्व विधायक कुंती सिंह रहती हैं।

रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच बाइक सवार अज्ञात अपराधी सिंह मेंशन के पास पहुंचे और आवास को निशाना बनाते हुए दो सुतली बम फेंके। इनमें से एक बम गेट के भीतर जाकर फटा, जबकि दूसरा बाहर ही गिर गया। जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां आमतौर पर लोग बैठते हैं। संयोगवश घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
बैठक के दौरान हुआ हमला
घटना के वक्त पूर्व विधायक संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह नगर निगम चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर आवास परिसर में अफरातफरी मच गई। भीतर मौजूद लोग और सुरक्षा गार्ड बाहर की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात हुए इस हमले से पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह की घटना से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पुलिस अलर्ट, इलाके की घेराबंदी
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। मौके से बम के अवशेष बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों बम सुतली बम पाए गए हैं।
सिंह मेंशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई है। पुलिस डीवीआर अपने साथ ले गई है और आसपास के इलाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है और सभी संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर रंगदारी और धमकी का पर्चा वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पर्चा वायरल हुआ है, जिसमें अमन सिंह के नाम पर शंकर सिंह नामक व्यक्ति ने बमबाजी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पर्चे में लिखा गया है कि “जिस धरती पर अमन का खून गिरा है, उसे बंजर बना देंगे।” इसके साथ ही धनबाद के कोयला और लोहा कारोबार से जुड़े व्यापारियों से रंगदारी की मांग की गई है और चुन-चुनकर मारने की धमकी दी गई है।
पुलिस इस पर्चे की सत्यता की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह पर्चा वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह की ओर से जारी किया गया है या फिर दहशत फैलाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है।
चुनाव से पहले सियासी हलकों में बढ़ी हलचल
मेयर पद के लिए पूर्व विधायक संजीव सिंह के संभावित नामांकन की चर्चाओं के बीच हुई इस घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल में इस तरह की वारदात को कई लोग डर का माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना के बाद सिंह मेंशन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और रात में गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी हुई है। पूरे मामले की जांच जारी है।
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