झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) में अपना 54वां स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया। कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

धनबाद पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत
रांची से धनबाद पहुंचने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हवाईपट्टी पर जोरदार स्वागत किया गया। उनके साथ मंत्री हफीजुल हसन भी उपस्थित थे। धनबाद के मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल भी समर्थकों के साथ स्वागत में शामिल हुए।
मूलवासी और बसने वाले सभी झारखंडी : हेमंत सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मूलवासियों के साथ-साथ बाहर से आकर बसे लोग भी गर्व से खुद को झारखंडी कहते हैं। उन्होंने कहा कि “जन्म देने वाली मां से पालन करने वाली मां का दर्जा बड़ा होता है।”
‘जोहार’ को देश-दुनिया में मिली पहचान
सोरेन ने कहा कि झारखंड का अभिवादन ‘जोहार’ अब देश ही नहीं, विदेशों तक सम्मान पा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर परिस्थिति में अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को किया याद
मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलन के नेताओं को याद करते हुए दिशोम गुरु शिबू सोरेन को आदिवासी, दलित और मजदूरों का महान नेता बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ स्थापना दिवस नहीं, बल्कि गुरुजी के सपनों को पूरा करने का संकल्प दिवस भी है।
झारखंड के शहीदों और महापुरुषों को नमन
गोल्फ ग्राउंड के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, बिनोद बिहारी महतो और ए.के. राय जैसे नेताओं के बलिदान को नमन किया।
राज्य आंदोलन से सत्ता तक का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आंदोलन में कई लोगों ने बलिदान दिया। राज्य गठन के बाद झामुमो ने 15–16 वर्षों बाद भाजपा से सत्ता छीनी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक झारखंड को पिछड़ा बनाए रखा गया।
‘अबुआ सरकार’ की उपलब्धियां गिनाईं
सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद स्कूल फिर से खोले गए, शिक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और गांवों से शासन चलाया जा रहा है। गरीब परिवारों को 2500 रुपये की सहायता दी जा रही है।
स्थानीय रोजगार पर जोर
धनबाद में आउटसोर्सिंग के जरिए बाहरी लोगों के आने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों को अपने अधिकार के लिए आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी देने का कानून लागू है।





