करीब तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद झारखंड के लोहरदगा रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन एक बार फिर से शुरु कर दिया गया है। शनिवार को दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के डीआरएम करुणानिधि सिंह और डीआरएम मनीष गुप्ता समेत रेलवे अधिकारियों की टीम ने कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज का निरीक्षण किया। उसके बाद ट्रेनों के परिचालन की इजाजत दी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि अब ट्रेन सेवाएं पहले की तरह सुचारू रूप से चलेंगी और किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करना है।
4 जनवरी 2026 को कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज के पिलर नंबर 5 के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोहरदगा स्टेशन से ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया था। इसका सीधा असर लोहरदगा-रांची रूट पर पड़ा। और यात्रियों को करीब तीन महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए रेलवे विभाग ने ब्रिज की मरम्मत कराई है। मरम्मत के तहत जर्जर हिस्से को हटाकर पिलर चार और छह के बीच में 26.8 मीटर लंबा आरएच गर्डर स्थापित किया गया। इस कार्य के पूरा होने के बाद ट्रायल के तौर पर पहले इसपर ट्रेन चलाई गई। ट्रायल सफल रहने के बाद ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त पिलर नंबर 5 का पुनर्निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है ताकि आने वाले दिनों में इस तरह की समस्या दोबारा नहीं हो।
रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल लोहरदगा स्टेशन से सभी ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित करने की इजाजत दे दी है। रांची-लोहरदगा मेमू पैसेंजर ट्रेन सहित एक्सप्रेस ट्रेनों का भी परिचालन आज से किया जाएगा। रांची-नई दिल्ली राजधानी ट्रेन भी अब इसी रूट से होकर गुजरेगी जिससे लोहरदगा के यात्रियों को फायदा मिलेगा।
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