ईरान युद्ध में यमन के हूती विद्रोहियों की एंट्री हो चुकी है। इसके साथ ही एक और मोर्चा खुल गया है। हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल दागी हैं। ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच यमन के हूती विद्रोहियों का समर्थन ईरान को मिला है। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में पहली बार हूती विद्रोही खुलकर सामने आए हैं।

हालांकि हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल हमलों को इजरायल ने इंटरसेप्ट कर लिया है। युद्ध का एक महीना बीत जाने के बाद हूती विद्रोही खुलकर ईरान के साथ खड़े हो गए हैं। माना जाता है कि हूती विद्रोहियों को पहले से ही ईरान का समर्थन प्राप्त है।
वहीं दूसरी ओर NATO के युद्ध में शामिल न होने के फैसले को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफसोसजनक बताया है। ट्रंप ने NATO को कागजी शेर कहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जब NATO को जरूरत होगी तो अमेरिका मदद करेगा, लेकिन जब अमेरिका को जरूरत होती है तो NATO मदद नहीं करता।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को लेकर पाकिस्तान में कल एक हाई-लेवल मीटिंग होने वाली है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री ने इस बैठक के लिए सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों को न्योता भेजा है। यह अहम बैठक 29 और 30 मार्च को होने वाली है।
पाकिस्तान मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को समाप्त कराने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर ईरान के राष्ट्रपति से बात की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि मध्यस्थ की भूमिका को लेकर ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की सराहना की है।
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