झारखंड के लातेहार जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के 5 लाख रुपये के ईनामी सबजोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा उर्फ विनोद लोहरा ने लातेहार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

लातेहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस महानिरीक्षक पलामू प्रक्षेत्र शैलेंद्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट यादराम बुनकर के सामने विनोद लोहरा ने सरेंडर किया। इस मौके पर आईजी श्री सिन्हा ने सुरेंद्र लोहरा का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उसे समाज की मुख्यधारा में लौटने पर बधाई दी। साथ ही लोहरा को सरकार की नीति के तहत 5 लाख रुपये का चेक भी सौंपा गया।
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने इस सफलता के लिए लातेहार पुलिस और सीआरपीएफ को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सुरेंद्र लोहरा के परिवार खासकर उसकी पत्नी की भी सराहना की जिन्होंने उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय अन्य उग्रवादियों और नक्सलियों से भी अपील की कि वे सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर शांतिपूर्ण जीवन की ओर लौटें।
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने कहा कि पिछले साल से अब तक 23 नक्सलियों और उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें जेजेएमपी के 5 लाख के इनामी सबजोनल कमांडर लवलेश गंझू, 2 लाख के इनामी प्रमोद गंझू, 1 लाख के इनामी शैलेंद्र गंझू और तुलसी गंझू शामिल हैं। सितंबर और नवंबर 2025 में भी जेजेएमपी के कुल 11 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया था।
एसपी कुमार गौरव ने बताया कि सुरेंद्र लोहरा पिछले करीब 20 वर्षों से जेजेएमपी और माओवादी संगठनों से जुड़ा हुआ था और कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा। उसके खिलाफ लातेहार, चंदवा और हेरहंज थानों में कुल 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने यह कदम उठाया है। लोहरा के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी सफलता की तरह देखा जा रहा है।
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