13 दिसंबर 2023 में जब दोबारा भाजपा की सरकार बनी थी, तब गृहमंत्री अमित शाह ने सांसद में नक्सलवाद को निशाना बनाते हुए । कहा कि देश में आधे से अधिक नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, लेकिन बचे हुए नक्सलवाद को जल्द खत्म कर दिया जायगा । उन्होनें सुरक्षा बलों की बहादुरी और बलिदान को देखते हुए उस वक्त चेतावनी दिया 31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। जिसमें Jharkhand और Chhattisgarh भी शामिल था ।

गृहमंत्री अमित शाह की बातों का असर झारखंड में दिख रहा है ।
Jharkhand के सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि मिलाी है। हथियारों के साथ माओवादी की 27 नक्सली आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सलीओं के आत्मसमर्पण करने से ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है । की धीरे – धीरे कर के माओवादी की कमर टुटते नजर आ रही है। रांची पुलिस हेडक्वार्टर में 27 इनामी नक्सलियों ने डीजीपी के सामने हथियार डाल दिए है । 16 हथियार और हजारों गोलियों के साथ डीजीपी तदाशा मिश्रा के समक्ष 27 नक्सली ने किया सरेंडर कर दिया है। जिस आईजी ने पुलिस दल और आर्मी फोर्स का सरहना भी किया की- आज ये कार्य अगर सफल हो रहा है तो पुलिस दल और आर्मी फोर्स की तत्परता और कड़ी मेहनत है ।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 6 सब जोलन कमांडर, 6 एरिया कमांडर और 13 दस्ता सदस्य शामिल। सरेंडर करने वाले माओवादियों को सुरेंद्र पॉलिसी के तहत 5 लोगों को 5 लाख और एक लोग को एक लाख की इनामी राशि सौपे गई ।
अब मुख्य रूप से सारंडा के मंकी फारेस्ट मे घिरे 1 करोड़ के इनामी नक्सली और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और सेन्ट्रल कमेटी मेंबर असीम मंडल के किले मे बड़ी सेंध।इन दोनों के अलावा महज 20 नक्सली के बचने की संभावना उम्मीद जताई जा रही हैं कि जल्द ही वह सभी आत्मसमर्पण कर देंगे… आपको बता दें कि आज हथियार डालने वाले सभी 25 नक्सलियों को इनाम कि राशि के चेक भी प्रदान की गई।




