लोहरा गांव के एक कलयुगी बाप ने जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक पिता ने अपनी ही जवान बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि गांव के ही रहने वाले अगस्त महतो ने अपनी बेटी अंजनी कुमारी को सिर्फ प्रेम-प्रसंग के शक पर इतनी भयानक सज़ा दी कि इस बारे में सुनकर ही किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।

पिता अगस्त महतो को यह शक था की उनकी बेटी किसी के साथ प्रेम संबंध में है। जिसके बाद गुस्से में धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया और अपनी बेटी पर एक के बाद एक कई वार की किया।गर्दन, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी बेटी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस पिता के कंधों पर अपनी बेटी की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ही वही अंततः उसकी मौत का कारण बन गया।
घटना की खबर मिलते ही, पूरे लोहरा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव वालों की आंखें नम हैं, और हर कोई इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेटी की हत्या—चाहे वह किसी पारिवारिक विवाद के कारण हुई हो या तथाकथित “इज्ज़त” के नाम पर की गई हो—किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
घटना की सूचना मिलते ही, लेसलीगंज पुलिस स्टेशन की एक टीम सोमवार सुबह मौके पर पहुंची उन्होंने शव को अपने कब्ज़े में लिया और ज़रूरी शुरुआती औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, उसे पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
फिलहाल, पुलिस ने इस पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है: आखिर बेटियां अपने ही घरों की चारदीवारी के भीतर कब तक असुरक्षित रहेंगी? ऐसे समाज में, जो “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का समर्थन करता है, अगर युवा महिलाएं अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पातीं, तो यह पूरे समुदाय के लिए अत्यंत चिंता का विषय है।
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