लोहरदगा जिले में हाथीओं का आतंक देखने को मिल रहा है ।लोहरदगा के भंडरा पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित भैसमूंडो गांव में एक परिवार की खुशी मातम में बदल गई। जब एक जंगली हाथी ने खेत में गेहूं काट रही एक महिला पर हमला कर दिया। हाथी ने महिला को अपनी सूंड से उठा कर ज़मीन पर पटक दिया और फिर आगे बढ़ने से पहले उसे अपने पैरों तले रौंद डाला। इस दुखद घटना में बेदल टांगरा टोली की रहने वाली प्रतिमा कुमारी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रतिमा कुमारी अपने पति कृष्ण उरांव और अपने दो छोटे बच्चों के साथ खेत में काम कर रही थीं। उसी समय अमलिया जंगल की दिशा से दो हाथी गांव की ओर आ रहे थे। एक हाथी तो वापस जंगल की ओर लौट गया लेकिन दूसरा सीधे खेत की तरफ बढ़ गया। खेत में मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते या प्रतिक्रिया दे पाते उससे पहले ही हाथी ने प्रतिमा कुमारी पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने महिला को अपनी सूंड से उठाया ज़मीन पर ज़ोर से पटकर बार-बार अपने पैरों से रौंदा। इस घटना के दौरान महिला का छोटा बच्चा भी पास में ही गिर गया था। लेकिन हाथी ने बच्चे को छोड़ दिया और आगे बढ़ गया। घटना के बाद, खेत में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार गूंज उठी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को भगाने की कोशिश की जबकि महिला का पति गहरे सदमे और बेचैनी की हालत में अपनी पत्नी को बचाने के लिए बेतहाशा दौड़ा। गंभीर रूप से घायल प्रतिमा कुमारी को तुरंत भंडरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही भंडरा पुलिस और वन विभाग की एक टीम गांव पहुंच गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लोहरदगा के सदर अस्पताल भेज दिया। इस बीच, वन विभाग की टीम हाथी को आबादी वाले इलाके से दूर भगाने के प्रयासों में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद, हाथी ने बेदल टांगरा टोली के पातरा इलाके में शरण ले ली है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। निवासियों ने वन विभाग से इस समस्या का स्थायी समाधान करने, और साथ ही गांवों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की मांग की है। इसी बीच, वन विभाग ने मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में ₹30,000 प्रदान किए हैं। फॉरेस्टर विक्की कुमार मेहता ने यह राशि मृत महिला के पति, कृष्णा उरांव को सौंप दी। विभाग ने बताया कि नियमों के अनुसार, शोक संतप्त परिवार को जल्द ही ₹4 लाख का मुआवज़ा भी प्रदान किया जाएगा।
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