रांची के JSCA Stadium में फाइनल मैच के दौरान अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें JSCA Stadium में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में सात लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। JSCA Stadium में घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस अव्यवस्था के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और आयोजन तथा सुरक्षा व्यवस्था पर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मैच में पहुंचने की खबर तेजी से वायरल हुई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम पहुंचे। इसी के चलते भीड़ अनियंत्रित हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। अब देखना होगा कि इस घटना में लापरवाही के लिए किसकी जिम्मेदारी तय होती है और क्या दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है। इस घटना के बाद, अव्यवस्था और सुरक्षा इंतज़ामों से परेशान दर्शकों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और वेस्ट गेट के एक हिस्से में तोड़-फोड़ की।
सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात किया गया, जिसके बाद स्थिति को काबू में किया गया। अब स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक फ़ाइनल मैच के लिए दोपहर से ही दर्शकों की भीड़ जुटने लगी थी। मैच शुरू होने से पहले ही हज़ारों लोग वेस्ट गेट पर पहुंच गए। सुरक्षा जांच की धीमी प्रक्रिया के कारण लंबी लाइनें लग गईं। बढ़ती भीड़ के दबाव के कारण धक्का-मुक्की शुरू हो गई और हालात बेकाबू हो गए। जीसे ऐसी स्थिती उत्पन्न हो गई ।
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