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बिजली उत्पादन (Electricity generation) करना बन रहा है रोजगार का अवसर , दूसरे चरण में 800 मेगावाट की दो यूनिट स्थापित की जाएगी बिजली

बिजली उत्पादन (Electricity generation) करना बन रहा है रोजगार का अवसर , दूसरे चरण में 800 मेगावाट की दो यूनिट स्थापित की जाएगी बिजली
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पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड में दूसरे चरण में 800 मेगावाट की बिजली उत्पादन (Electricity generation)  स्थापित की जाएगी, इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा विभाग और झारखंड सरकार के अंतर्गत प्रक्रिया चल रही है, दूसरे चरण में यहां 1600 मेगावाट बिजली का उत्पादन  (Electricity generation) संभव होगा इस प्रकार यहां के कुल उत्पादन क्षमता 4000 मेगावाट होगी इसमें लगभग आधी बिजली सर प्लस होगी, झारखंड का औद्योगिक विकास भी नई ऊंचाइयों को छूएगा ,Electricity generation  परियोजना के सीईओ अशोक कुमार सहगल ने प्रेस मीट का आयोजन कर जानकारी दी उन्होंने कहा कि 5 नवंबर 2025 को यहां की पहली यूनिट में उत्पादन शुरू कर दिया गया था, वहीं दूसरी यूनिट का लक्ष्य के अनुसार 25 जून 2026 को उत्पादन में जोड़ दिया गया है, परियोजना की यूनिट नंबर 3 का कार्य प्रगति पर है इसी भी लक्ष्य के अनुरूप इस फाइनेंशियल ईयर में मार्च 2017 तक उत्पादन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है

परियोजना का कार्य सिर्फ बिजली उत्पादन करना नहीं स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार से जोड़ना भी हमारा लक्ष्य है पतरातू में पुराने ताप विद्युत संयंत्र जो चलने लायक नहीं थे उनके स्थान पर आधुनिक सुपर क्रिटिकल और पर्यावरण के अनुकूल बेहतर तकनीक आधारित परियोजना विकसित की जा रही है, फिलहाल इस परियोजना में लगभग 9000 श्रमिक कार्य कर रहे हैं यहां के दो इकाइयों से 1600 मेगावाट विद्युत का उत्पादन शुरू हो चुका है दायरा भी बढ़ रहा है इसलिए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस कार्य भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हुए हैं, फिलहाल यहां की दो इकाइयों से झारखंड को 85% यानी लगभग 1360 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

वहीं सीओ ने कहा कि मुख्यमंत्री की सलाह पर जमशेदपुर में ट्रांसफार्मर का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है जिससे 11 केवी ट्रांसफार्मर के रख रखा और सुरक्षा संबंधी तकनीक विद्युत वितरण की प्रॉपर जानकारी दी जा रही है इसे बिजली की कटौती कम होगी मेंटेनेंस भी प्रॉपर होगा इससे सहायता मिलेगी, इसके अलावा बिजली उत्पादन करने के दौरान फ्लाई एस जहां अधिक मात्रा में है, इसलिए इस पर आधारित उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है रोजगार के अवसर में श्रीजीत किया जा रहे हैं, स्थानीय महिलाओं को इसका प्रशिक्षण लगातार दिया जा रहा है इसके लिए मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है।

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