जमशेदपुर पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। एक एनजीओ (NGO )को सीएसआर (CSR )फंड दिलाने का झांसा देकर करीब तीन करोड़ रुपये के लेन-देन को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर NGO को CSR फंड दिलाने के नाम पर सुनियोजित तरीके से इस साइबर अपराध को अंजाम दिया था। बता दें कि NGO को CSR फंड दिलाने के नाम पर ठगी का मामला जमशेदपुर साइबर थाना कांड संख्या 52/2026 से जुड़ा है। पीड़िता रीना पाण्डेय की शिकायत पर दर्ज मामले में आरोप था कि उनकी संस्था होप-हेल्प फॉर ऑल फाउंडेशन को सीएसआर फंड दिलाने का लालच देकर एक्सिस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया गया।

सत्यापन के नाम पर चेक बुक और सिम कार्ड लेकर महज पांच दिनों में उस खाते से करीब तीन करोड़ रुपये का जमा और निकासी कर ली गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरे गिरोह का मुख्य आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु है, जिसने पीड़िता को बहला-फुसलाकर दिसंबर 2025 में लखनऊ ले जाकर अपने अन्य साइबर अपराधी साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया।
इतना ही नहीं, आरोपी पहले ही पीड़िता की ई-मेल आईडी और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस भी अपने मोबाइल में ले चुका था। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का रहने वाला है और वर्तमान में सरायकेला-खरसावां जिले में रह रहा था। आरोपी के पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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