कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को अरगोड़ा थाना से निराश लौटना पड़ा। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एससी/एसटी थाना में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।

बीजेपी कार्यकर्ता रेणू तिर्की ने आरोप लगाया कि 23 जुलाई को कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान हरमू चौक के समीप उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनका कहना है कि कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, धमकी दी और जान से मारने की बात कही।
रेणू तिर्की ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजा उज्ज्वल तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराने वह अरगोड़ा थाना पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। उनका दावा है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद हैं और मौके पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
बीजेपी नेत्री सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आदिवासियों के हितों की बात करती है, लेकिन एक आदिवासी महिला के साथ कथित जातिसूचक टिप्पणी और दुर्व्यवहार के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी महिला के साथ कथित जातिसूचक टिप्पणी और अभद्र व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
सीमा सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि अरगोड़ा थाना में पीड़िता की जीरो एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई, जबकि यह कानूनी प्रावधान के तहत संभव है। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल एससी/एसटी थाना में शिकायत दर्ज कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा।
हालांकि इस मामले में अरगोड़ा थाना पुलिस और कांग्रेस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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