झारखंड के देवघर जिले में पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ‘वर्दी गैंग’ का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह के 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह पुलिस की वर्दी पहनकर आम लोगों को डरा-धमकाता था और तलाशी के बहाने लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना मो. फखरुद्दीन अंसारी उर्फ गुड्डू है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने जसीडीह, मोहनपुर, देवघर और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। अपराधी खुद को पुलिसकर्मी बताकर राहगीरों और वाहन चालकों को रोकते थे तथा जांच और तलाशी के नाम पर उनसे नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे।
छापेमारी में हथियार और फर्जी पुलिस सामग्री बरामद
विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, पुलिस जैसी पांच कैमोफ्लाज वर्दियां, पांच कैमोफ्लाज कैप, पांच टी-शर्ट, चार प्लास्टिक डंडे (रिकफ) तथा दो होंडा शाइन मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद सामान से स्पष्ट है कि गिरोह पूरी योजना के साथ पुलिस का रूप धारण कर अपराधों को अंजाम देता था।
आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 248/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क, फरार सहयोगियों और अन्य संभावित अपराधों की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।
देवघर पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई को जिले में संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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