धनबाद जिले के गोविंदपुर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले ने मंगलवार को रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर फ्लाईओवर निर्माण की गुणवत्ता, स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने और परियोजना में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में निरसा विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

धरना के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की इस महत्वपूर्ण परियोजना में निर्माण मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि यदि समय रहते गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह फ्लाईओवर आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण में निम्न गुणवत्ता के सरिया और अन्य निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनता के टैक्स के पैसे से बनाई जा रही है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्य सरकार से स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की।
वहीं सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि गोविंदपुर जैसी बड़ी परियोजना में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन अधिकांश नियुक्तियां बाहरी लोगों को दी जा रही हैं। इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि परियोजना में गुणवत्ता और रोजगार दोनों ही मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धरना के दौरान भाकपा माले नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। पार्टी ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) को जाम कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निर्माण एजेंसी की होगी।
गौरतलब है कि गोविंदपुर एलिवेटेड फ्लाईओवर परियोजना को क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर नई बहस खड़ी कर रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों पर क्या कदम उठाती है और जांच की मांग को कितना गंभीरता से लेती है।
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