सरायकेला-चाईबासा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में क्षेत्र के चर्चित कामाख्या बाबा उर्फ ऑल्टो बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनके साथ मौजूद 50 वर्षीय महेंद्र जामुदा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा भाजपा कार्यालय से कुछ ही दूरी पर पावरिमेल के समीप हुआ। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार कार में केवल दो लोग सवार थे। बताया गया कि महेंद्र जामुदा रास्ते में शौच के लिए कार से उतर गए थे जबकि कामाख्या बाबा कार के भीतर ही बैठे हुए थे। महेंद्र जैसे ही वापस लौटकर कार में बैठने लगे उसी समय पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कामाख्या बाबा उर्फ ऑल्टो बाबा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, महेंद्र जामुदा गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के बाद फरार अज्ञात ट्रक और उसके चालक की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन का पता लगाया जा सके।
कामाख्या बाबा उर्फ ऑल्टो बाबा क्षेत्र में ग्रह-नक्षत्र और ज्योतिष संबंधी परामर्श देने के लिए जाने जाते थे। उनकी अचानक हुई मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में उनके परिचितों और स्थानीय लोगों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास हादसे से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करे।
स्थानीय लोगों की मानें तो कामख्या बाबा का कोई स्थानीय ठिकाना नहीं था। वो सन्यासी और फक्कड़ की जिंदगी जीते थे। और अपने वैगन आर में खाने पीने के समान और बर्तन रखते थे। जहां मन करता था वहीं गाड़ी रोककर खाना बनाते और रुक जाते थे। हालांकि वो अपना ज्यादातर समय सरायकेला के हाट रोड स्थित लक्ष्मी मंदिर और खरकई नदी किनारे स्थित शमशान काली मंदिर में बिताते थे। क्षेत्र के लोग उन्हें काफी मानते थे।
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