धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र से सूदखोरी के पैसों को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। शासनबड़िया पंचायत की लक्ष्मी माता कॉलोनी में पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना में करीब पांच लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद स्थित SNMMCH अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचायत के जिला परिषद सदस्य संजय सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कुमार पासवान, उनकी पत्नी समेत अन्य लोगों के साथ बलराम पासवान के बेटे और साले ने मारपीट की। हालांकि, घटना के दूसरे पक्ष की स्थिति और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित महिला संगीता देवी के अनुसार, उनके पति ने कथित तौर पर ब्याज पर पैसे लिए थे। हालांकि, उन्होंने बताया कि उनके पति ने कुल कितनी रकम ली थी और अब तक कितनी राशि चुकाई जा चुकी है, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है। संगीता देवी का आरोप है कि पैसों की मांग को लेकर उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई तथा मारपीट भी की गई।
मामले में सबसे गंभीर आरोप बैंक खाते से करीब 20 लाख रुपये निकाले जाने को लेकर है। पीड़िता का दावा है कि पूर्व में उनके बैंक खाते से करीब 20 लाख रुपये निकाले गए थे। उनका आरोप है कि बलराम पासवान की मौत के बाद उसके बेटे, साले और सरहज की ओर से लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। इसी विवाद के दौरान उन्हें घेरकर मारपीट किए जाने का आरोप है।
फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूद के पैसों का वास्तविक हिसाब क्या है? बैंक खाते से 20 लाख रुपये निकाले जाने का आरोप कितना सही है? पैसों की मांग किस आधार पर की जा रही थी और विवाद के दौरान मारपीट की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच और संबंधित साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
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