रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। 16 अगस्त को यह आंदोलन 23वें दिन में पहुंच गया। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने अब सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छात्रों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में छात्रों ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस पर उनके मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े गंभीर सवालों का समाधान केवल आश्वासन से नहीं हो सकता। अब छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की गई है कि यदि मुख्यमंत्री छात्रों की मांगों को नहीं सुनते हैं तो कांग्रेस को JMM के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए।
तिरंगा यात्रा में हजारों अभ्यर्थियों ने दिखाई एकजुटता
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को छात्रों ने रांची में तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। बड़ी संख्या में छात्र और सरकारी नौकरी के अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा हाथ में लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाए।
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता और हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।
CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग कथित परीक्षा अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच है। छात्र JPSC और JSSC से जुड़ी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने तथा पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। इसके अलावा वे झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने का विकल्प भी सामने रख चुके हैं।
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के वर्षों के मेहनत और भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य की परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
सरकार को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम
आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार को 18 अगस्त तक अपनी मांगों पर ठोस कदम उठाने का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि इस समय सीमा तक सरकार की ओर से संतोषजनक पहल नहीं हुई तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास की ओर बड़े पैमाने पर मार्च और घेराव किया जाएगा।
24 जिलों में पुतला दहन का ऐलान
छात्रों ने आंदोलन को राज्यव्यापी रूप देने की भी घोषणा की है। 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने की घोषणा की गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार को अब उनकी मांगों पर स्पष्ट और निर्णायक कदम उठाना चाहिए।
आंदोलन के दौरान पहले भी बढ़ चुका है तनाव
JPSC-JSSC को लेकर चल रहा यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों में कई बार तनावपूर्ण हो चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। इस घटना के बाद आंदोलन और अधिक तेज हो गया तथा छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया।
छात्रों का कहना है कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल एक भर्ती परीक्षा या कुछ पदों की नहीं है, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था में भरोसे की है। छात्रों का दावा है कि जब तक कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब सबकी नजर 20 अगस्त पर है। छात्रों के मुख्यमंत्री आवास घेराव के ऐलान के बीच सरकार की ओर से उनकी मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, यह आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा तय कर सकता है।
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