जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने वाले बराकर नदी स्थित बैजराघाट पुल के क्षतिग्रस्त होने से बुधवार दोपहर इलाके में हड़कंप मच गया। तेज आवाज के साथ पुल का सस्पेंशन बेयरिंग टूट गया, जिसके बाद स्पैन खिसक गया और पुल में दरारें दिखाई देने लगीं। जामताड़ा की ओर से धनबाद जाने वाले मार्ग पर पिलर नंबर-5 क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि पिलर नंबर-4 के भी झुकने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए पुल पर वाहनों और लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से अप्रोच रोड को काटकर रास्ते की घेराबंदी कर दी है। धनबाद प्रशासन की ओर से भी अपने छोर पर सड़क बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने पुल के पिलर को हुए नुकसान के पीछे बराकर नदी में कथित अवैध बालू उत्खनन को जिम्मेदार बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बालू उठाव के कारण पिलर के नीचे का हिस्सा कमजोर और खोखला हो गया, जिससे पुल की संरचना प्रभावित हुई। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुल के क्षतिग्रस्त होने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटनास्थल पर सीओ अविश्वर मुर्मू, थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज महतो और विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त पुल के आसपास जाने से बचें।
पुल पर आवागमन बंद होने से जामताड़ा और धनबाद के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पुल को सुरक्षित रखना और क्षति का तकनीकी आकलन कर आगे की कार्रवाई तय करना है।
ऐसा माना जा रहा है कि झारखंड में लगातार बढ़ रहे बालू माफिया और अवैध बालू खनन के वजह से ये समस्या पैदा हुई है। सरकार अगर बालू माफिया और अवैध खनन पर रोक नहीं लगाती है तो एक एक कर प्रदेश के कई पुल पर खतरा मंडरा सकता है।
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