एक कहावत है “जिसकी रक्षा भगवान करते हैं, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” बोकारो के तेनुघाट डैम (Tenughat Dam) में बुधवार को इसका एक जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला। पारिवारिक झगड़े से परेशान एक नाबालिग लड़की तेनुघाट डैम (Tenughat Dam) पर पहुंची माना जा रहा है कि वह आत्महत्या करने के इरादे से आई थी। और पानी में उतर गई। हालांकि, पानी की तेज धारा में फंसते ही उसका इरादा बदल गया, अपनी जान बचाने की कोशिश में वह पानी के बीच मौजूद एक बड़ी चट्टान पर चढ़ गई। खबरों के अनुसार, उस समयतेनुघाट डैम (Tenughat Dam) से लगभग 6,000 क्यूसेक प्रति सेकंड की रफ़्तार से पानी बह रहा था। पांच रेडियल गेट और एक अंडर-स्लूस गेट खुले होने के कारण नदी की धारा बहुत तेज़ थी। तेज़ी से बहते पानी के बीच चट्टान पर फंसी लड़की को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए।
बता दें कि जब डैम घूमने आए लोगों की नज़र लड़की पर पड़ी, तो उन्होंने आस-पास के लोगों को सचेत करने के लिए शोर मचाया। जल्द ही, पूरे डैम परिसर में “एक लड़की फँसी हुई है!” की आवाज़ें गूँजने लगीं। सूचना मिलने पर तेनुघाट पुलिस और तेनुघाट डैम डिवीज़न के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे।
हालात की गंभीरता को समझते हुए अधिकारियों ने तुरंत डैम के सभी छह गेट बंद करने का फैसला किया। गेट बंद होते ही पानी का बहाव कुछ कम हो गया, जिससे प्रशासन को स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू करने का मौका मिला।
काफ़ी मशक्कत के बाद, बचाव दल ने चट्टान पर फँसी नाबालिग लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसे एक सुरक्षित जगह पर पहुँचाया गया।
इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि ज़िंदगी और मौत के बीच कितना कम फ़ासला हो सकता है और कुछ ही मिनटों में क्या से क्या हो सकता है। समय रहते लड़की पर नज़र पड़ना और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई उसकी जान बचाने में मददगार साबित हुई।
इसे भी पढ़े – रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर मिठाइयों (sweets) एवं अन्य खाद्य पदार्थों की चढ़ी मांग ,मांग के बिच मिठाइयों में मिलावट की कलाबजारी





