रामगढ़ में डी.यू. मिशन चर्च की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। चर्च परिसर की जमीन पर कथित कब्जे और वहां मौजूद निर्माण एवं परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने के विरोध में ईसाई समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण जन आक्रोश कैंडल मार्च निकाला। चर्च परिसर से शुरू हुआ यह मार्च रामगढ़ के सुभाष चौक तक पहुंचा, जहां लोगों ने अपनी संपत्ति की सुरक्षा और मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की।
चर्च से जुड़े लोगों का आरोप है कि रामगढ़ शहर में स्थित डी.यू. मिशन चर्च की जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि चर्च की जमीन पर स्थित अस्पताल के हिस्से को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही बच्चों के खेलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मैदान में भी जेसीबी चलाने और परिसर में लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
चर्च प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार, मिशन परिसर में बच्चों के लिए स्कूल भी संचालित होता है। आरोप है कि स्कूल परिसर की चहारदीवारी को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। घटनाओं को लेकर चर्च के उत्तराधिकारियों की ओर से रामगढ़ उपायुक्त को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने और चर्च की जमीन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
चर्च के पादरी ने आरोप लगाया कि जमीन को लेकर विवाद पहले से न्यायालय में है और मामले में मुकदमा भी दायर किया गया है। उनका कहना है कि न्यायालय में मामला लंबित रहने के बावजूद जमीन पर कथित रूप से कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राजेश धान समेत कुछ लोगों पर जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी रांची स्थित चर्च के वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी दी गई है।
पादरी के मुताबिक, चर्च मिशन की जमीन पर बच्चों के खेलने के लिए मैदान था, जहां कथित तौर पर जेसीबी चलाए जाने से नुकसान हुआ। परिसर के पेड़-पौधों को भी क्षति पहुंचने का आरोप है। वहीं स्कूल परिसर की चहारदीवारी को नुकसान पहुंचाए जाने की बात भी कही गई है। चर्च प्रबंधन ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उस पर कब्जे का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।
चर्च में प्रार्थना के लिए पहुंचे ईसाई समाज के लोगों ने कहा कि उनकी धार्मिक एवं सामुदायिक संपत्ति की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चर्च की जमीन और उससे जुड़ी संपत्तियों को उजाड़ने या कब्जा करने का प्रयास जारी रहा, तो समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करते रहेंगे।
डी.यू. मिशन चर्च के समीप से शुरू होकर सुभाष चौक तक निकाले गए इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। भूमि विवाद को लेकर अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायालय में चल रही प्रक्रिया पर टिकी है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।






