सरायकेला-खरसावां के राजनगर में प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा और बिरसा मुंडा स्टेडियम के नाम को लेकर अपनी राय रखी। चंपाई सोरेन ने कहा कि वह दिशोम गुरु शिबू सोरेन के शिष्य हैं और आज भी उनके आदर्शों पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा स्टेडियम में गुरुजी की प्रतिमा स्थापित किए जाने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उनके मुताबिक, प्रतिमा स्थापित होने से गुरुजी का सम्मान और बढ़ेगा।
हालांकि, चंपाई सोरेन ने सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलकर शिबू सोरेन के नाम पर किए जाने को उचित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और पोटो हो जैसे महापुरुषों ने संघर्ष और बलिदान के जरिए इतिहास में अपनी जगह बनाई है। उनके संघर्ष और बलिदान को इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता।
चंपाई सोरेन ने कहा कि अगर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करनी है तो जमशेदपुर जैसे प्रमुख शहर में भी उनकी प्रतिमा लगाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रतिमा स्थापित करने के विचार का समर्थन किया, लेकिन स्टेडियम के मौजूदा नाम को बदलने पर आपत्ति जताई।
इधर, बिरसा मुंडा स्टेडियम का नाम बदलकर शिबू सोरेन के नाम पर किए जाने की आशंका को लेकर आदिवासी संगठनों ने भी विरोध का ऐलान किया है। संगठनों की ओर से 18 सितंबर को विरोध-प्रदर्शन करने और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है। ऐसे में स्टेडियम के नाम को लेकर आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है।





