गिरिडीह के निमियाघाट थाना क्षेत्र में मछली कारोबारियों से कथित रंगदारी मांगने और पैसे नहीं देने पर मछली लदी गाड़ियों में जहर डालकर लाखों रुपये की मछलियां मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल के मछली कारोबारियों में आक्रोश है। विरोध में पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में मछली व्यापारी मैथन थाना क्षेत्र के झारखंड होटल के समीप जुटे और घटना पर नाराजगी जताई।
व्यापारियों के अनुसार, कोलकाता और मेदिनीपुर से झारखंड आने-जाने वाली मछली लदी गाड़ियों को निमियाघाट इलाके में कथित तौर पर रोककर रंगदारी की मांग की जा रही थी। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर देर रात 6 से 7 मछली गाड़ियों में ब्लीचिंग पाउडर और कथित रूप से जहरीला पदार्थ डाल दिया गया, जिससे गाड़ियों में मौजूद पूरी मछलियां मर गईं।
पीड़ित व्यापारी काशी दास ने आरोप लगाया कि झारखंड में मैथन थाना क्षेत्र के अंतर्गत बिल्टी की रसीद लेकर ₹8,000 का बिल्टी रसीद काटकर गाड़ियों को पास दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन जिलों के एसपी के नाम पर भी पैसे की उगाही की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, बिपुल यादव ने बताया कि घटना निमियाघाट थाना क्षेत्र की है। उनके मुताबिक कुछ असामाजिक तत्व मछली गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली करते हैं और पैसे नहीं देने पर कथित तौर पर बीती रात 6 से 7 गाड़ियों में जहर डाल दिया गया।
व्यापारियों ने बताया कि प्रभावित गाड़ियों में तालाबों में डालने वाली मछलियों के जीरे के साथ-साथ खाने वाली मछलियां भी थीं। व्यापारियों के मुताबिक इस घटना में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद मछली कारोबारी दहशत में हैं और उन्होंने जिला प्रशासन से कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना में रंगदारी, जहरीला पदार्थ डालने और नुकसान से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





