बोकारो के सेक्टर-4 स्थित सूर्य सरोवर तालाब में रहस्यमय परिस्थितियों में हजारों मछलियों की मौत का मामला सामने आया है। बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से तालाब के आसपास दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। मछलियों की मौत के कारणों को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी असामाजिक तत्व द्वारा तालाब में जहरीला पदार्थ डाले जाने की आशंका है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि तालाब का पानी काफी प्रदूषित हो चुका है और इसी वजह से मछलियों की मौत हुई हो सकती है। हालांकि, मछलियों की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
हजारों रुपये की मछलियों के नुकसान की आशंका
मछलियों की अचानक हुई मौत से तालाब में मौजूद मछलियों को पालने या कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पड़ी हैं, जिसके कारण आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है।
लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते मृत मछलियों को तालाब से बाहर नहीं निकाला गया तो आसपास के वातावरण पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा गंभीर मामला बताया जा रहा है।
छठ पूजा के दौरान तालाब का होता है उपयोग

सूर्य सरोवर तालाब का उपयोग लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के दौरान भी किया जाता है। बताया जाता है कि छठ पूजा के समय बोकारो स्टील प्रबंधन की ओर से तालाब की सफाई कराई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में तालाब का पानी काफी प्रदूषित दिखाई दे रहा है, ऐसे में इसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी लालू यादव ने आशंका जताई कि तालाब में किसी ने जहरीला पदार्थ डाला हो सकता है या फिर पानी के अत्यधिक प्रदूषित होने के कारण मछलियों की मौत हुई होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच की आवश्यकता बताई।
विश्वकर्मा पूजा के दिन तालाब में धुली थीं गाड़ियां
वहीं, स्थानीय निवासी महावीर मांझी ने एक अन्य संभावना की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा पूजा के दिन बड़ी संख्या में गाड़ियां इसी तालाब में धोई गई थीं। इस दौरान डिटर्जेंट का इस्तेमाल भी किया गया था।
उनका कहना है कि ऐसे में यह स्पष्ट तौर पर कहना मुश्किल है कि मछलियों की मौत जहरीले पदार्थ के कारण हुई है, डिटर्जेंट से पानी प्रदूषित होने के कारण या किसी अन्य वजह से। उन्होंने इसे जांच का विषय बताया।
तालाब की नीलामी नहीं हुई, अवैध रूप से मछली का जीरा डालने की बात
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तालाब की नीलामी भी नहीं हुई है। इसके बावजूद किसी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर तालाब में मछलियों का जीरा डाले जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में तालाब में मछली पालन और मछलियों की मौत से जुड़े पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है।
मृत मछलियां उठाकर ले गए लोग, स्वास्थ्य को लेकर चिंता
मछलियों की मौत के बाद कुछ स्थानीय लोगों और कारोबारियों द्वारा मृत मछलियों को तालाब से उठाकर ले जाने की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ये मछलियां किसी जहरीले पदार्थ या प्रदूषित पानी के संपर्क में आने के कारण मरी हैं, तो इन्हें उठाकर ले जाना स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकता है।
फिलहाल मछलियों की सामूहिक मौत के वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। स्थानीय लोगों ने तालाब की तत्काल सफाई, मृत मछलियों को हटाने और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है, ताकि मामले की वास्तविक वजह सामने आ सके और किसी संभावित स्वास्थ्य जोखिम को रोका जा सके।









