गढ़वा में फरठिया स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को प्रथम दीक्षांत समारोह-2026 गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में विशेष तैयारियां की गई थीं। पारंपरिक दीक्षांत परिधान में सजे विद्यार्थियों के चेहरे पर अपनी वर्षों की मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धि की खुशी साफ दिखाई दी।
85 मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की गईं उपाधियां
समारोह के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 85 मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनके शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में सामने आया।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और विश्वविद्यालय परिवार में भी उत्साह का माहौल रहा।
विशेष पुस्तक का किया गया विमोचन
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित विशेष पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

कुलाधिपति ने पौधा भेंट कर किया स्वागत
विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर कुलाधिपति दिनेश सिंह ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का पौधा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल समारोह में शामिल हुए और विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

राज्यपाल के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा तथा विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विश्वविद्यालय परिसर और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
बंशीधर मंदिर पहुंचकर राज्यपाल ने की पूजा-अर्चना
दीक्षांत समारोह के आधिकारिक कार्यक्रमों के संपन्न होने के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार श्री बंशीधर नगर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्री बंशीधर मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान श्री बंशीधर की पूजा-अर्चना की।
राज्यपाल ने मंदिर में पूजा कर राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में भी श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला।
प्रथम दीक्षांत समारोह ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सफर में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा। 85 विद्यार्थियों को मिली उपाधियों और प्रमाण-पत्रों के साथ समारोह ने विद्यार्थियों की मेहनत, उपलब्धियों और भविष्य की नई संभावनाओं को रेखांकित किया।







