गिरिडीह में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। रविवार को परिषदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट डॉ. परवेज नैयार ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. नैयार ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए इसे कथित तौर पर “वोट चोरी” की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि गिरिडीह में भी SIR को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं और कांग्रेस कमेटी पूरे मामले पर नजर रख रही है। उनके दावे के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है और यह संख्या 50 लाख तक पहुंच सकती है।
हालांकि मतदाता सूची से नाम हटाने और SIR की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को सत्यापित और अद्यतन करना तथा पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना है। झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस पर SIR को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने विरोध में 28 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन करने की घोषणा की है। CEC के खिलाफ कांग्रेस राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करेगी। गिरिडीह के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता भागीरथ पासवान, जिलाध्यक्ष सतीश केडिया समेत पार्टी के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर झारखंड में सियासत तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 को लेकर खड़े हुए राजनीतिक विवादों के कारण विपक्ष के निशाने पर आए मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर तरह तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।






