Cow Smuggling: बेरमो अनुमंडल के जरीडीह एवं पेटरवार थाना क्षेत्र में कथित गौ तस्करी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। क्षेत्र में गौ तस्करी की गतिविधियां जारी रहने के आरोपों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जरीडीह क्षेत्र गौ तस्करी करने वालों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है और यहां कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। इतना ही नहीं, तस्करी से जुड़ी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद होने का भी दावा किया जा रहा है।
Cow Smuggling: चंदन कुमार मिश्रा ने डीएसपी को सौंपा आवेदन
इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए चंदन कुमार मिश्रा ने मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आवेदन में कथित गौ तस्करी में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।
चंदन कुमार मिश्रा का आरोप है कि जरीडीह क्षेत्र में गौ तस्करी का अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। यदि इन गतिविधियों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो तस्करी करने वालों का मनोबल और बढ़ सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे नेटवर्क की जांच कराने और इस अवैध कारोबार में कथित रूप से शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं, लिखित शिकायत मिलने के बाद मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, उन्होंने मीडिया को इस संबंध में कोई बयान देने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस कब तक पूरे मामले की तह तक पहुंचती है और कथित तस्करी नेटवर्क का खुलासा कब होता है?
गौरतलब है कि जरीडीह थाना क्षेत्र में पूर्व में भी अवैध गतिविधियों को लेकर पुलिस की कार्यशैली चर्चा में रही है। अब गौ तस्करी को लेकर सामने आए ताजा आरोपों ने एक बार फिर स्थानीय पुलिस की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। जरूरत है कि पुलिस प्रशासन सीसीटीवी फुटेज सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच करे और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
इसे भी पढ़ें- BJP Padyatra: झारखंड में बीजेपी की पदयात्रा से गरमाई सियासत







1 thought on “Cow Smuggling: जरीडीह बना गौ तस्करी का कथित सेफ जोन!”