Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

Sonam Wangchuk Arrest: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक मामले में केंद्र से मांगा जवाब

Sonam Wangchuk Arrest: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक मामले में केंद्र से मांगा जवाब
---Advertisement---

Sonam Wangchuk Arrest: सोनम वांगचुक भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जवाब में केंद्र सरकार, लद्दाख प्रशासन और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया। जिसमें जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी गई है। यह याचिका वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. अंगमो द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने उनकी हिरासत को “अवैध और मनमाना” बताया था।

Sonam Wangchuk arrest: न्यायालय ने नज़रबंदी के आधार जारी न करने पर सवाल उठाए

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने इस मामले पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा, विशेष रूप से यह सवाल किया कि हिरासत के आधार की एक प्रति वांगचुक की पत्नी को तुरंत क्यों नहीं दी गई, जबकि यह कानूनी आवश्यकता है।

  • याचिकाकर्ता का तर्क: याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि हिरासत के आधार के बिना, परिवार सलाहकार बोर्ड के समक्ष निवारक हिरासत को पर्याप्त रूप से चुनौती नहीं दे सकता।
  • एसजी का जवाब: सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नोटिस स्वीकार किया और कहा कि हिरासत के आधार वांगचुक को स्वयं दिए गए थे, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि परिवार को इसकी एक प्रति की आवश्यकता है।

अदालत ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक को जोधपुर जेल में उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जहां वह वर्तमान में बंद हैं।

Sonam Wangchuk Arrest: हिरासत का संदर्भ

सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें शुरू होने के दो दिन बाद अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वांगचुक के भाषणों, जिनमें ‘अरब स्प्रिंग’ शैली की क्रांति का उल्लेख था, ने भीड़ को उकसाया, जिससे हिंसा भड़क उठी और चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। वांगचुक की पत्नी और परिवार ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि वह एक सम्मानित पर्यावरणविद् हैं जिन्होंने लद्दाख की नाज़ुक पारिस्थितिकी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर काम किया है। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित है।

यह भी पढ़े: Dhanbad News: दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ तथा ट्राफिक नियंत्रण के लिए एनसीसी कैडेट तैनात

 

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

राजनीतिक नौटंकी छोड़ अपने BLO और BLA को सक्रिय करे कांग्रेस, SIR पर भाजपा प्रवक्ता अजय साह का तीखा हमला

राजनीतिक नौटंकी छोड़ अपने BLO और BLA को सक्रिय करे कांग्रेस, SIR पर भाजपा प्रवक्ता अजय साह का तीखा हमला

पश्चिमी सिंहभूम: जयपुर गांव के ग्रामीणों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प, गांव में अब शराब भट्ठी नहीं खुलने देने का भी किया ऐलान

प्राकृतिक खेती से श्रीमती बलेमा सामड ने लिखी सफलता की नई कहानी, एक एकड़ में ₹53 हजार का शुद्ध लाभ

रूपी सोरेन के निधन पर शोक, 14 अक्टूबर को शहीद देवेंद्र माझी को सादगी से दी जाएगी श्रद्धांजलि : जोबा माझी

लोकतंत्र की आवाज दबाकर दिल्ली को अघोषित आपातकाल में नहीं धकेल सकती केंद्र सरकार : त्रिशानु राय

पाकुड़ के हिरणपुर में भव्य कलश यात्रा के साथ शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, आदिवासी नृत्य ने मोहा लोगों का मन

पाकुड़ के हिरणपुर में भव्य कलश यात्रा के साथ शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, आदिवासी नृत्य ने मोहा लोगों का मन

Leave a Comment