Chhath Puja 2025: आज देशभर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व भगवान सूर्य और माता छठी को समर्पित है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में अनुशासन, स्वच्छता और आस्था का विशेष महत्व है।

छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) के रूप में मनाया जाता है।
आज, छठ के तीसरे दिन व्रती महिलाएं और पुरुष शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसे संध्या अर्घ्य कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और संतान का जीवन सुखमय होता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, छठ महापर्व कार्तिक माह की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष षष्ठी तिथि 27 अक्टूबर को सुबह 6:04 बजे से शुरू होकर 28 अक्टूबर को सुबह 7:59 बजे तक रहेगी।
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कल, यानि 28 अक्टूबर को, सप्तमी तिथि को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा। छठ व्रत के दौरान, भक्त पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ सूर्य देव से अपनी संतान के सुखी, दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।






