Coal Scam 2025: कोयला घोटाले और अवैध खनन (Coal Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफियाओं के सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए 14 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और भारी मात्रा में सोना जब्त किया है।

Coal Scam: 44 ठिकानों पर 100 अधिकारियों की छापेमारी
ईडी ने शुक्रवार को दोनों राज्यों में एक साथ 44 ठिकानों पर छापेमारी की। इस बड़े ऑपरेशन में 100 से ज्यादा अधिकारी शामिल थे। तलाशी के दौरान अधिकारियों को नोटों का अंबार मिला। आधिकारिक बयान के अनुसार, रेड में करीब 14 करोड़ रुपये कैश, सोने के आभूषण, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, जमीनों की खरीद-बिक्री के एग्रीमेंट और कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। साथ ही, कोयला सिंडिकेट द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के बही-खाते भी जब्त किए गए हैं।
स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा था ‘खेल’
जांच एजेंसी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि छापेमारी में मिले दस्तावेजों से यह साबित होता है कि यह पूरा काला कारोबार एक ‘ऑर्गनाइज़्ड रैकेट’ की तरह चल रहा था। इसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के भी संकेत मिले हैं। ईडी के मुताबिक, जब्त किए गए रिकॉर्ड्स पुलिस एफआईआर में लगाए गए उन आरोपों की पुष्टि करते हैं, जिनमें कोयले के अवैध खनन, चोरी, परिवहन और बिक्री की बात कही गई थी।
बॉर्डर इलाकों में सक्रिय है सिंडिकेट
ईडी ने बताया कि यह सिंडिकेट पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में बेहद सक्रिय है। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारोबार से आरोपियों ने भारी काली कमाई (Proceeds of Crime) जमा कर रखी है।





