Bihar News: बिहार विधानसभा में NDA सरकार के पास मज़बूत बहुमत है, और विपक्ष की स्थिति साफ़ है, फिर भी राजनीतिक हलकों में “ऑपरेशन लोटस” और MLA के दलबदल की संभावना को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं। LJP (रामविलास पासवान) प्रमुख चिराग पासवान और RJD के बीच चल रही जुबानी जंग ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।

बिहार : तेजस्वी को बना दिया वेटिंग फॉर CM
पाला बदलने की चर्चा चिराग पासवान के उस बयान के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। इस पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने चिराग की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाया। जवाब में लोजपा (रा) ने करारा पलटवार करते हुए कहा, “चिराग की हैसियत यही है कि उन्होंने आपके सीएम चेहरे (तेजस्वी यादव) को ‘वेटिंग फॉर सीएम’ बना दिया है।”
बिहार : कांग्रेस और छोटे दलों पर खतरा
सियासी जानकारों के मुताबिक, सबसे ज्यादा खतरा कांग्रेस पर मंडरा रहा है, जिसके पास महज 6 विधायक हैं। कांग्रेस का इतिहास रहा है कि उसमें सेंधमारी आसान होती है। इसके अलावा, इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के इकलौते विधायक आईपी गुप्ता ने सार्वजनिक रूप से दावा किया है कि उन्हें ऑफर मिल रहे हैं। सियासी पंडित उनकी तुलना पिछली विधानसभा के बसपा विधायक जमा खान से कर रहे हैं, जो पाला बदलकर मंत्री बन गए थे।
बीजेपी-जेडीयू में नंबर गेम की होड़
यह सुगबुगाहट केवल विपक्ष तोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर भी ‘बड़े भाई’ की भूमिका को लेकर है। 89 विधायकों के साथ बीजेपी पहली बार सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि जेडीयू 85 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर है। ऐसे में जेडीयू अपनी संख्या बढ़ाकर पुराना रुतबा हासिल करने की कोशिश कर सकती है।
इतिहास से डर और सुकून
गौरतलब है कि 17वीं विधानसभा में कुल 17 विधायकों ने पाला बदला था। हालांकि, एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता अख्तरूल ईमान के लिए सुकून की बात यह है कि पिछली बार उनकी पार्टी छोड़कर जाने वाले 4 विधायक दोबारा चुनाव नहीं जीत पाए। यह डर अन्य विधायकों को दल-बदल करने से रोक सकता है।





