जमशेदपुर | देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू साल के अंत में लौहनगरी जमशेदपुर के दौरे पर रहेंगी। वे 29 दिसंबर 2025 को यहां आयोजित होने वाले ‘संथाली भाषा शताब्दी समारोह’ के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

करनडीह में होगा भव्य आयोजन
ऑल इंडिया संथाली राइटर्स एसोसिएशन के महासचिव रविन्द्र नाथ मुर्मू ने बताया कि यह आयोजन जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित करनडीह जाहेरथान परिसर में होगा। 22वां संथाली भाषा दिवस समारोह 22 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर तक दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और झारखंड में मनाया जाएगा। इसका भव्य समापन जमशेदपुर में होगा।
साहित्यकारों को करेंगी सम्मानित
29 दिसंबर को समापन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाली भाषा के साहित्यकारों को सम्मानित करेंगी। इस दौरान वे संथाली भाषा और संस्कृति के संरक्षण व विकास पर अपने विचार रखेंगी। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा मयूरभंज के सांसद कालीपदो सोरेन और ओडिशा की प्रख्यात साहित्यकार दामयंती बेसरा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
सुरक्षा चाक-चौबंद, एंट्री के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। करनडीह पंचायत इलाके में राष्ट्रपति का यह पहला दौरा होगा, जिसे लेकर 14 दिसंबर के बाद स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) और स्थानीय प्रशासन की टीम स्थल का निरीक्षण करेगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को देखते हुए कार्यक्रम में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश मिलेगा और इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
तीन दिनों तक चलेगा मंथन
जमशेदपुर में 27, 28 और 29 दिसंबर को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन तीन दिनों में नारी चेतना, समाज में महिलाओं की भागीदारी, डिजिटल युग में संथाली भाषा का विकास, शहरीकरण का प्रभाव और संताली कवि सम्मेलन जैसे विषयों पर चर्चा होगी।





