Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला जज के नेतृत्व में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की देखरेख में परिवार न्यायालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला जज राज कुमार ने किया। न्यायालय परिसर में एक भव्य कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारी, परिवार न्यायालय के कर्मचारी और प्राधिकरण के अन्य अधिकारी शामिल हुए।

प्रधान जिला जज ने मानवाधिकारों की रक्षा में मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पत्रकार समाज के प्रहरी के रूप में कार्य करते हैं और पीड़ितों की आवाज़ बनाते हैं। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था जरूरतमंदों, महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों को उनके मौलिक अधिकार और विधिक सहायता उपलब्ध कराने में निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि आम जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। इस वर्ष की थीम “मानवाधिकार हमारी दैनिक आवश्यकताएं हैं” है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक कैंडल मार्च से हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने मानवाधिकारों की रक्षा और सम्मान बनाए रखने का संकल्प लिया।





