Bihar Elections 2025: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की आगामी चुनावी रणनीति और हम पार्टी की भूमिका पर गंभीरता से चर्चा की गई।

आज केंद्रीय गृह मंत्री माननीय श्री अमित शाह जी से उनके दिल्ली आवास पर शिष्टाचार मुलाकात हुई जिसमें राष्ट्र से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
साथ ही बिहार के राजनीति को लेकर भी सार्थक बातचीत हुई।@AmitShah pic.twitter.com/ToNpogHr7J— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) April 28, 2025
टिकट बंटवारे को लेकर हुई चर्चा!
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मुख्य रूप से सीट बंटवारे पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें मांझी ने अपनी पार्टी के लिए सम्मानजनक संख्या में सीटों की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के कई इलाकों में हम पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है और टिकट वितरण इसी को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि एनडीए नेतृत्व ने गठबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए मांझी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व का आश्वासन दिया है।
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तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए जीतन राम मांझी ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर निशाना साधा और तेजस्वी यादव सरकार द्वारा ताड़ी (एक पारंपरिक पेय) पर प्रतिबंध लगाने को गरीबों और मजदूर वर्ग के खिलाफ बताया। मांझी ने कहा, “ताड़ी गरीबों का पारंपरिक पेय है। इस पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने उनकी आजीविका पर हमला किया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव की नीतियां आम लोगों के हितों के खिलाफ जा रही हैं और बिहार के गरीब तबके में गहरा असंतोष है। मांझी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो उसे आगामी चुनावों में परिणाम भुगतने होंगे।
एनडीए में हम पार्टी की बढ़ती भूमिका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मांझी की हम पार्टी आगामी बिहार चुनाव में एनडीए के लिए अहम साबित हो सकती है। दलित वोट बैंक पर इसकी मज़बूत पकड़ को देखते हुए, भाजपा के लिए मांझी की पार्टी को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल होगा। यही कारण है कि अमित शाह स्वयं उनसे मिलने के लिए समय निकालते हैं और हर छोटे-बड़े मुद्दे पर उनसे सलाह-मशविरा करते हैं।
बिहार की राजनीति में नया मोड़
इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। एनडीए जहां अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटा है, वहीं यह महागठबंधन (राजद-कांग्रेस) के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। आने वाले समय में सभी राजनीतिक दलों की नजर मांझी की भूमिका और हम पार्टी को मिलने वाली सीटों पर रहेगी.





