Ranchi News: रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए भाई-बहन अंश और अंशिका आखिरकार सुरक्षित मिल गए हैं। इस खबर से न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में राहत की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के राजरप्पा पुलिस स्टेशन के तहत चितरपुर इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ढूंढा। स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दी गई, और वे मौके पर पहुंचे और बच्चों को अपनी कस्टडी में ले लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने उन दो बच्चों को ढूंढने में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस सोशल मीडिया, पोस्टर, सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से लगातार सुराग इकट्ठा कर रही थी।
इसी दौरान, बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं को बच्चों के बारे में अहम जानकारी मिली। इस जानकारी के आधार पर, उन्होंने चित्रापुर इलाके में तलाश शुरू की और आखिरकार दोनों बच्चे सही-सलामत मिल गए। उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी।
इस मामले में, पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई की और दो संदिग्धों, गुलगुलिया सोनम और सूर्या को गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि बच्चों को क्यों और किस मकसद से किडनैप किया गया था।
जब परिवारों को यह खबर मिली कि उनके बच्चे सुरक्षित मिल गए हैं, तो वे भावनाओं से भर गए। उन्होंने पुलिस, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और सर्च ऑपरेशन में मदद करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। परिवारों ने कहा कि वे कई दिनों से डर और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे थे, लेकिन अब अपने बच्चों को वापस पाकर उन्हें बहुत राहत मिली है।
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इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस और प्रशासन की सक्रिय भूमिका के लिए उनकी खूब तारीफ़ हो रही है। सीनियर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है और ऐसे मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, दोनों बच्चों को काउंसलिंग और मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है ताकि वे इस दर्दनाक अनुभव से उबर सकें। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही मामले की पूरी जानकारी सामने लाएंगे।







