Bhojpuri Film: गाजीपुर साहित्य महोत्सव में एक महत्वपूर्ण भोजपुरी फिल्म “बकलोलस” का टीज़र लॉन्च किया गया। यह फिल्म भारतीय शैली, ज़मीनी हास्य और मानवीय भावनाओं का मिश्रण है। दर्शक इस कहानी को दिसंबर में ओटीटी प्लेटफॉर्म “स्टेज” पर देख सकेंगे। यह फिल्म स्टेज ओरिजिनल्स द्वारा रिलीज़ की जाएगी।

“बकलोल्स” की बात करें तो, इसकी कहानी, पटकथा और संगीत प्रसिद्ध लेखक सत्य व्यास ने लिखे हैं। फिल्म के निर्माता सिद्धार्थ आर. यश और निर्देशक निशांत सी. शेखर हैं। मनोज टाइगर, रवि शर्मा, इंदर सिंह, अशोक मांझी, हर्षिता उपाध्याय और रिया नंदनी जैसे कलाकार अपने अभिनय से कहानी को जीवंत करते हैं।
फिल्म निर्माताओं ने बताया कि “बकलोल्स” हल्के-फुल्के हास्य के माध्यम से पूर्वांचल के युवाओं के जीवन, उनके संघर्षों, सपनों और समाज की वास्तविकताओं को दर्शाती है। यह एक ऐसे साधारण व्यक्ति की कहानी है जो सपने देखता है, असफलताओं का सामना करता है, फिर भी मुस्कुराहट के साथ जीवन जीता है।
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता मनोज टाइगर ने फिल्म के बारे में कहा, “यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा के लिए एक ताज़ी हवा का झोंका है। यह न तो बनावटी है और न ही अश्लील। बल्कि इसमें गाँव की मिट्टी की खुशबू, लोगों की सादगी और ज़िंदगी का सच्चा हास्य है। ‘बकलोल’ दिखाती है कि भोजपुरी सिनेमा सिर्फ़ गानों और एक्शन तक सीमित नहीं है—इसमें संवेदनशीलता, संघर्ष और गहराई भी है।” ‘बकलोल’ युवाओं के जीवन, उनके सपनों और उनके संघर्षों को बड़ी सच्चाई के साथ पेश करती है। यह फिल्म आपको हँसाएगी भी और सोचने पर भी मजबूर करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि ‘बकलोल’ सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा में एक बदलाव की शुरुआत साबित होगी।
फ़िल्म के डीओपी प्रशांत चंद्रशेखर, बीजीएम मोजिज़ सेन और एडिटर विशाल सिंह हैं। यह फ़िल्म भोजपुरी सिनेमा में नई सोच और संवेदनशील हास्य का एक ऐसा संगम पेश करेगी-जो न सिर्फ़ मनोरंजन करेगा, बल्कि आपको सोचने पर भी मजबूर करेगा। ‘स्टेज’ की प्रतिनिधि स्नेहा सिंह ने कहा, “हमारी कोशिश दुनिया के सामने ऐसी कहानियाँ लाना है जो पहले न सुनी गई हों। ‘बकलोल’ उसी सोच का एक हिस्सा है-जो हँसी के साथ-साथ समाज की गहराइयों को भी छूती है।”











