G20 Summit 2025: जोहान्सबर्ग में चल रहे G20 Summit शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक सुरक्षा और विकास को लेकर तीन बड़े प्रस्ताव रखे हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद और ड्रग तस्करी के बीच बने खतरनाक गठजोड़ (नेक्सस) पर करारा प्रहार करते हुए दुनिया को आगाह किया और इसके खिलाफ एक संयुक्त वैश्विक अभियान शुरू करने की वकालत की।

G20 Summit: ड्रग्स और आतंकवाद का ‘जानलेवा गठजोड़’
पीएम मोदी ने “जी-20 इनिशिएटिव ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस” (G20 Initiative on Countering the Drug-Terror Nexus) का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी अब केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
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फेंटेनिल का खतरा: उन्होंने ‘फेंटेनिल’ जैसे घातक सिंथेटिक ड्रग्स के तेजी से प्रसार पर चिंता जताई।
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टेरर फंडिंग: पीएम मोदी ने कहा, “सबसे खतरनाक बात यह है कि ड्रग्स की तस्करी से होने वाली काली कमाई अब आतंकवाद को पालने (Terror Funding) का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है।” उन्होंने जोर दिया कि इस नेक्सस को तोड़ने के लिए फाइनेंस, गवर्नेंस और सुरक्षा एजेंसियों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
अफ्रीका के लिए बड़ा तोहफा: 10 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग
ग्लोबल साउथ की आवाज बनते हुए पीएम मोदी ने अफ्रीका के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की। उन्होंने ‘जी-20 अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव’ का प्रस्ताव रखा।
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लक्ष्य: अगले 10 वर्षों में अफ्रीका में 10 लाख (1 मिलियन) युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करना।
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मॉडल: यह योजना ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ मॉडल पर काम करेगी, जिसे जी-20 के सदस्य देश फंड और सपोर्ट करेंगे। पीएम ने कहा कि अफ्रीका के टैलेंट को सक्षम बनाना पूरी दुनिया के हित में है।
पारंपरिक ज्ञान का बनेगा ‘ग्लोबल बैंक’
तीसरे प्रस्ताव के रूप में पीएम मोदी ने दुनिया भर के प्राचीन और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने की बात कही। उन्होंने ‘वैश्विक पारंपरिक ज्ञान कोष’ (Global Traditional Knowledge Repository) बनाने का सुझाव दिया।
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इसका उद्देश्य विभिन्न समुदायों की पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली और सांस्कृतिक ज्ञान को संजोकर रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां और मानवता इससे लाभ उठा सकें।
आतंकवाद पर भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
भारत ने इस मंच के जरिए एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। गौरतलब है कि 2023 में नई दिल्ली जी-20 घोषणापत्र में भारत की पहल पर आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ को शामिल किया गया था। अब ड्रग्स-टेरर नेक्सस पर नए अभियान का प्रस्ताव देकर भारत ने नार्को-टेररिज्म के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।






