Dhanbad News: दिवाली आने में बस 10 दिन बाकी हैं, लेकिन धनबाद के कुम्हारों की मेहनत पर बारिश का पानी फिर गया है। रोशनी के इस त्योहार के लिए मिट्टी के दीये, खिलौने और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियाँ बनाने में महीने भर से जुटे कुम्हारों के सपने चकनाचूर हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण उनके द्वारा बनाए गए अधिकांश दीपक और मूर्तियां पिघलकर नष्ट हो गई हैं।

हर साल की तरह इस साल भी धनबाद के मनईटांड़ और धावाटांड़ कुम्हार पट्टी में रहने वाले करीब दो दर्जन कुम्हार परिवार दिवाली के लिए मिट्टी के सामान तैयार कर रहे थे। लेकिन बारिश के कारण वे उन्हें सूखा नहीं पा रहे हैं। जो दीये किसी तरह सूख भी रहे हैं, वे भी नमी और फफूंद से खराब हो रहे हैं।
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राजेंद्र पंडित ने कहा, “लगातार हो रही बारिश ने हमारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। हमने हज़ारों दीये और मिट्टी की चीज़ें बनाकर सूखने के लिए रखी थीं, लेकिन उनमें से आधे से ज़्यादा गल गई हैं। अब पर्याप्त मात्रा में बनाकर समय पर बाज़ार भेजना मुश्किल हो रहा है।” उन्होंने बताया कि जब भी बारिश होती है, पूरा परिवार दीयों को घर के अंदर ले आता है और मौसम साफ़ होते ही उन्हें बाहर सुखाने के लिए रख देता है। इसके बावजूद, कई दीये खराब हो जाते हैं।





