Bihar Cabinet 2025: बिहार में नई बनी NDA सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत ऐतिहासिक फैसलों के साथ की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने ‘मिशन मोड’ में काम करने के संकेत दिए। कैबिनेट ने अगले 5 साल (2025-2030) में 1 करोड़ नौकरियां देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, इसके साथ ही बिहार को पूर्वी भारत का ‘टेक्नोलॉजी हब’ बनाने के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया गया है।

1. रोजगार क्रांति: 5 साल, 1 करोड़ नौकरियां
सरकार ने युवाओं के वादे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि सरकारी और निजी क्षेत्रों को मिलाकर अगले पांच सालों में 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके लिए राज्य में व्यापक स्तर पर नई ‘मैनपावर प्लानिंग’ की जाएगी, ताकि स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार किया जा सके।
2. बिहार बनेगा ‘टेक हब’: डिफेंस कॉरिडोर से लेकर AI मिशन तक
बिहार को पिछड़ापन के टैग से मुक्त कर आधुनिक तकनीक का केंद्र बनाने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दी है:
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डिफेंस कॉरिडोर: राज्य में रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए एक समर्पित कॉरिडोर बनेगा।
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सेमीकंडक्टर पार्क: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पार्क की स्थापना होगी।
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AI मिशन: ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ शुरू होगा।
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टेक सिटी: मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी बनाने की योजना स्वीकृत हुई है।
3. शहरी विकास: 11 शहरों में बसेंगी नई टाउनशिप
शहरीकरण को व्यवस्थित करने के लिए सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों में ‘ग्रीनफील्ड टाउनशिप’ विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें राज्य के सभी 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों के अलावा सोनपुर और सीतामढ़ी शामिल हैं। इसका उद्देश्य पुराने शहरों पर आबादी का बोझ कम करना है।
4. किसानों को सौगात: खुलेंगी बंद चीनी मिलें
किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने राज्य की 9 बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने और 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे गन्ना किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
5. 1 दिसंबर से विधानसभा का विशेष सत्र
कैबिनेट ने 1 दिसंबर से बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और नई सरकार का शक्ति परीक्षण (Floor Test) भी संभावित है।
क्या बोले मुख्य सचिव?
बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि सरकार का लक्ष्य बिहार को ‘ग्लोबल बैक-एंड हब’ और ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ के रूप में विकसित करना है। इन लक्ष्यों की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय कमेटियां गठित की गई हैं जो सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगी।





