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दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों ने वीडियो के जरिए सरकार से सुरक्षित वतन वापसी की लगाई गुहार

On: February 2, 2026 6:39 PM
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14 migrant workers from Jharkhand stranded in Dubai appealed to the government through a video for safe return to their homeland.
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झारखंड के 14 प्रवासी मजदूर दुबई में फंसे हुए हैं और उन्होंने कंपनी पर कई महीनों से वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। मजदूरों ने भारत सरकार और झारखंड सरकार से अपील की है कि उन्हें सुरक्षित तरीके से स्वदेश वापस लाया जाए। मजदूरों का कहना है कि आर्थिक तंगी और लगातार काम के दबाव के कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

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कई महीनों से नहीं मिला वेतन, हालात बिगड़े

 झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के ये मजदूर काम के सिलसिले में दुबई गए थे। वहां एक निजी कंपनी में काम करते हुए उन्हें कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनसे तय समय से अधिक काम करवा रही है, लेकिन इसके बदले उन्हें मजदूरी नहीं दी जा रही है।

वेतन नहीं मिलने के कारण मजदूरों को रहने, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मजदूरों ने यह भी बताया कि उनके पास भारत लौटने के लिए जरूरी पैसे तक नहीं बचे हैं।

वीडियो के जरिए सरकार से मदद की अपील

दुबई में फंसे मजदूरों ने अपनी स्थिति बताने के लिए एक वीडियो संदेश भेजकर सरकार से मदद की गुहार लगाई है। वीडियो में मजदूरों ने बताया कि वे मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान हैं और जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया

मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड सरकार के प्रवासी श्रमिक प्रकोष्ठ की ओर से मजदूरों से संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक मजदूरों से जुड़े दस्तावेजों और कंपनी से संबंधित जानकारियों की जांच की जा रही है। इसके बाद भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर मजदूरों की सुरक्षित वापसी की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि विदेश में फंसे प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर संभव मदद उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

सामाजिक संगठनों ने भी की हस्तक्षेप की मांग

प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संगठनों का कहना है कि विदेश में काम करने गए मजदूर अक्सर ऐसे मामलों में फंस जाते हैं और उनके पास अपनी बात रखने के सीमित साधन होते हैं। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करे ताकि मजदूरों को सुरक्षित वापस लाया जा सके।

सुरक्षित वापसी को लेकर परिवारों की चिंता

झारखंड में मजदूरों के परिजन भी उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं। परिवारों का कहना है कि लंबे समय से संपर्क टूट जाने और वेतन नहीं मिलने की खबरों के कारण वे मानसिक तनाव में हैं। दुबई में फंसे मजदूरों के परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

कंपनी का बयान

कंपनी का कहना है कि मजदूरों को उनके वेतन दे दिए गए हैं और समस्या इस बात की है कि मजदूर काम करना नहीं चाहते। कंपनी के एक HR अधइकारी ने कहा कि इन मजदूरों के लिए दो-साल के वीज़ा में निवेश किया है इसलिए उन्हें समय से पहले वापस नहीं भेजा जा सकता।

फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। मजदूरों की सुरक्षित स्वदेश वापसी और बकाया वेतन से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही मजदूरों को वापस बुला लेगी साथ ही इन मजदूरों को दुबई भेजने वाली एजेंसियों पर भी नकेल कसेगी।

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