Rourkela News: राउरकेला पुलिस के समक्ष सक्रिय माओवादी कैडर ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का मार्ग त्यागने और समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। डीआईजी बृजेश कुमार राय एंव एसपी नितेश वाडवाणी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी की पहचान रोया कालुंडी उर्फ गणेश के रूप में हुई है। परिचय और पृष्ठभूमि रोया कालुंडी ग्राम कोंटोडिया, थाना जमदा, जिला पश्चिम सिंहभूम (झारखंड) का निवासी है।

पुलिस के अनुसार, उसने मात्र 12 वर्ष की आयु में वर्ष 2022 में रप्पा और गुंगा के प्रभाव में आकर माओवादी संगठन की सदस्यता ली थी। संगठन में शामिल होने के बाद वह मच्छू के नेतृत्व में कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहा। इस दौरान उसकी गतिविधियां बलिबा, तिरिलपोश, लैइलोर, जमारडीही और जोजोदेड़ा जैसे इलाकों में रहीं। गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आत्मसमर्पित माओवादी वर्ष 2025 में हुए बैंको विस्फोटक लूट कांड, रेलवे ट्रैक ब्लास्ट तथा बैंको आरएफ क्षेत्र में आईईडी विस्फोट मामलों में शामिल रहा है। बैंको विस्फोटक लूट की घटना से पूर्व करीब 70 से 80 माओवादी कैडरों ने सारंडा के जंगलों में डेरा डालकर बैंको पत्थर खदान से विस्फोटक लूटने की योजना बनाई थी। इस संबंध में जमारडीही क्षेत्र में बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें रोया कालुंडी भी शामिल था। बैठक के दौरान उसने नागरिक वेश में संतरी ड्यूटी निभाते हुए आसपास के क्षेत्र से खुफिया जानकारी एकत्र की थी।
बैठक में ग्रामीणों से चावल लदे वाहन को बैंको से ले जाने में सहयोग की अपील की गई थी। इसके बाद टोयबो और जमारडीही के लगभग 30 ग्रामीण माओवादी कैडरों के साथ दो से तीन दिनों तक जंगल में रुके। योजना के अनुसार, विस्फोटकों से भरे कार्टन जंगल में छिपाए गए, जिनमें से कुछ को झारखंड क्षेत्र ले जाया गया।
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रोया कालुंडी साउथ छोटानागपुर डिवीजन के अंतर्गत सारंडा क्षेत्र में सक्रिय था। लगातार जान का खतरा, भय और माओवादी विचारधारा से उपजी निराशा के चलते उसने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया और राउरकेला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
राउरकेला पुलिस ने अन्य माओवादी कैडरों से भी हिंसा का मार्ग छोड़कर आत्मसमर्पण करने, समाज की मुख्यधारा में लौटने और राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने की अपील की है।
आत्मसमर्पण के बाद राउरकेला पुलिस द्वारा उसे ओडिशा सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति की जानकारी दी गई। इसके तहत उसे कुल ₹1,65,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें ₹50,000 नकद तत्काल आवश्यकता के लिए दिए जाएंगे, जबकि शेष ₹1,15,000 फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा रहेंगे। एक वर्ष बाद ₹50,000 और तीन वर्ष बाद ₹65,000 की राशि संतोषजनक आचरण के आधार पर जारी की जाएगी। यह राशि स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण में जमानत के रूप में भी उपयोग की जा सकेगी।





