सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शेयर किए गए अपने बयान में अग्रवाल ने कहा कि चीन की बिजली उत्पादन क्षमता, जो अमेरिका से दोगुनी है, उसे AI के दौर में कॉम्पिटिटिव बढ़त दे रही है। उन्होंने बताया कि AI-आधारित डेटा सेंटर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और मिनरल प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर बहुत ज़्यादा एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं।

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अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत को दुनिया भर में कॉम्पिटिटिव फायदा पाने के लिए सस्ती, साफ़ और भरोसेमंद बिजली का एक मज़बूत सिस्टम ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि एनर्जी सेक्टर में सही समय पर निवेश से न सिर्फ़ औद्योगिक विकास तेज़ होगा, बल्कि रोज़गार भी पैदा होंगे और सभी को साथ लेकर आर्थिक तरक्की भी होगी।





