देश के उत्तर पूर्वी राज्य असम में इसी साल होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस को जोर का झटका लगा है। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। कुछ ही समय पहले सेंट्रल कमांड से उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।

भूपेन बोरा को असम में गठबंधन की राजनीति आगे बढ़ाने की अहम जिम्मेदारी अभी कुछ दिन पहले ही सौंपी कई थी। हम आपको बता दें कि 2006 और 2016 में ये असम के बिहपुर विधानसभा क्षेत्र से 2 बार विधायक चुने जा चुके हैं। 2021 में भूपेन बोरा को कांग्रेस में असम कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था।
सम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जिसके बाद उनके इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भूपेन बोरा को असम में विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की रणनीति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वे संगठन को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रीय दलों के साथ तालमेल स्थापित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले उनका इस्तीफा कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भूपेन बोरा का इस्तीफा आने वाले चुनाव में कांग्रेस की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। असम में पहले से ही कांग्रेस को सत्तारूढ़ दल और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। ऐसे समय में वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा सकता है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भूपेन बोरा बड़ा फैसला ले सकते हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व ने स्थिति को संभालने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। ताकि संगठन में किसी प्रकार की टूट-फूट न हो और चुनावी तैयारियों पर असर न पड़े।
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