Bokaro News: भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने रविवार शाम को बोकारो के सेक्टर-4 स्थित सर्कस मैदान में आयोजित डांडिया महोत्सव में भक्ति गीतों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों की मधुर धुन पर लोगों ने गरबा और डांडिया करते हुए कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। यह आयोजन शाम से लेकर रात 10 बजे तक चला, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी।

प्रशासन की सख्ती का दिखा असर
इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले बोकारो जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि डांडिया और गरबा जैसे पारंपरिक आयोजनों के नाम पर फूहड़ गानों या अश्लील ऑर्केस्ट्रा का आयोजन नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ, तो आयोजकों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए चास और बेरमो के एसडीओ को विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया था।
प्रशासन की यह सख्ती उस घटना के बाद आई, जब कुछ दिनों पूर्व नयामोड़ स्थित एक फार्म हाउस में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में भोजपुरी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे के गानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। “सागवान के पलंग टूट जाई राजा जी” जैसे गीतों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी और कई संगठनों ने इसकी शिकायत की थी।
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मंच से अक्षरा सिंह ने क्या कहा?
जब अक्षरा सिंह स्टेज पर पहुंचीं, तो दर्शकों की ओर से विभिन्न गानों की फरमाइश आने लगी। इस पर उन्होंने मंच से मुस्कुराते हुए कहा:
“प्रशासन का निर्देश है, इसलिए आज हम भक्ति गीत ही गा रहे हैं। वैसे भी भोजपुरी में बहुत सुंदर भक्ति गाने हैं।”
इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिस पर दर्शक झूमते रहे।
गरबा परिधान में पहुंचे लोग, भक्ति रंग में रंगा माहौल
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और महिलाएं गरबा के पारंपरिक परिधानों में पहुंचे थे। आयोजन स्थल पर रंग-बिरंगे कपड़ों और भक्ति गीतों के साथ एक सांस्कृतिक वातावरण बन गया। अक्षरा सिंह की प्रस्तुति के दौरान दर्शकों की भारी भीड़ देखी गई।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चूंकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटने की उम्मीद थी, इसलिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि डांडिया और गरबा कार्यक्रमों की गरिमा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
“आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम सांस्कृतिक दायरे में ही रहे। यदि अनुमति के दायरे से बाहर जाकर कुछ किया गया, तो कार्रवाई की जाएगी।”





