केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब से कुछ देर बाद को असम के कछार जिले से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। इस चरण में देश के 15 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 1,954 सीमावर्ती गांवों को शामिल किया गया है।

केंद्र सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित करना। साथ ही इन गांवों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना इस प्रोगाम का मक़सद है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2028-29 तक 6,839 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि पहले चरण में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, संचार और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हुई है। पहले चरण के तहत 46 ब्लॉकों के 662 गांवों में 2,500 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
गृह मंत्रालय के मुताबिक दूसरे चरण में विकास कार्यों को और गति दी जाएगी जिससे सीमावर्ती गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम के जरिए स्थानीय आबादी को सीमा सुरक्षा में भागीदारी के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों से ना केवल पलायन कम होगा बिल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी और मजबूती मिलेगी।





