Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव के मद्देनजर राज्य में लागू शराबबंदी कानून को धता बताने की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। उत्पाद विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने झारखंड-बिहार सीमा पर कार्रवाई करते हुए 17 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब की एक बड़ी खेप जब्त की है। इस कार्रवाई में झारखंड के 11 शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस शराब को बिहार में खपाने की फिराक में थे।

चुनाव में खपाने की थी साजिश
अधिकारियों के अनुसार (Bihar Chunav) चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों के बाद बिहार की सीमाओं, विशेषकर झारखंड और उत्तर प्रदेश से लगी सीमाओं पर, चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में, टीम को गुप्त सूचना मिली कि झारखंड से अवैध शराब की एक बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है, जिसका इस्तेमाल चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जाना था। सूचना के आधार पर, झारखंड से बिहार में प्रवेश करने वाले एक चेकपोस्ट पर जाल बिछाया गया।
ट्रक में तहखाना बनाकर छिपाई थी शराब
देर रात जब संदिग्ध ट्रक ने चेकपोस्ट पार करने की कोशिश की, तो उसे रोककर तलाशी ली गई। पहली नजर में ट्रक खाली लगा, लेकिन जब गहराई से जांच की गई, तो ट्रक के फर्श के नीचे बने एक विशेष तहखाने का पता चला।
इस तहखाने को खोलने पर पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम हैरान रह गई। तहखाने के अंदर भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों की अवैध शराब की पेटियां भरी हुई थीं। जब्त की गई शराब का बाजार मूल्य लगभग 17 लाख रुपये आंका गया है।
11तस्करों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से ट्रक ड्राइवर और खलासी समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी तस्कर झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार में चुनाव के दौरान शराब की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए उन्हें यह खेप पहुंचानी थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “यह शराब तस्करों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं। हम इस नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव समाप्त होने तक सीमा पर निगरानी और भी सख्त कर दी गई है।”
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