Bokaro News: दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) के बोकारो थर्मल स्थित पुराने B प्लांट की दो चिमनियों (chimneys demolition) को बुधवार को नियंत्रित तरीके से गिरा दिया गया। चिमनियाँ गिरते ही पूरा क्षेत्र कुछ देर के लिए धूल और प्रदूषण (dust, pollution) से भर गया, जिससे आसपास के लोगों के साथ-साथ Bokaro Thermal Railway Station पर मौजूद यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही भारी मशीनों द्वारा चिमनी को गिराया गया, पूरा इलाका धुंध की चादर में ढक गया। कई यात्रियों ने सांस लेने में तकलीफ़ और दृश्यता कम होने की शिकायत की।
B प्लांट 1992 में हुआ था तैयार
जानकारी के अनुसार, DVC का यह B प्लांट वर्ष 1992 में स्थापित किया गया था और यहां से 630 मेगावॉट बिजली (power generation) का उत्पादन होता था। लेकिन बढ़ती लागत और मेंटेनेंस खर्च के कारण प्रबंधन ने दिसंबर 2020 से इस प्लांट को स्थायी रूप से बंद (plant shutdown) कर दिया था।
ध्वस्तीकरण का काम अंतिम चरण में
अब बंद पड़े प्लांट को पूरी तरह से हटाने का काम चल रहा है।
यह प्रोजेक्ट Hyderabad की कंपनी Radha Smelters Pvt. Ltd. को लगभग ₹290 करोड़ की निविदा पर सौंपा गया है।
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दो माह पहले, 12 सितंबर को एक चिमनी पहले ही गिराई जा चुकी थी।
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बुधवार को बाकी दो चिमनियों को भी सफलतापूर्वक जमीन पर गिरा दिया गया।
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खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया में केवल एक पोकलेन मशीन (poclain machine use) का इस्तेमाल किया गया।
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अब केवल A प्लांट कार्यरत
फिलहाल बोकारो थर्मल में सिर्फ 500 मेगावॉट क्षमता वाला A प्लांट ही संचालन में है। B प्लांट के पूरे ढांचे को हटाने का काम जल्दी ही पूरा होने की उम्मीद है।





