Saran News: देश की सुरक्षा में एक और लाल ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के बेला शर्मा टोला गांव निवासी शहीद जवान छोटू शर्मा 30 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा सेक्टर में आतंकियों से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।

छोटू शर्मा 2017 से भारतीय सेना में सेवारत थे और राष्ट्रीय राइफल्स की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) का हिस्सा थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी शुरू की थी और कठिन परिश्रम के बाद उनका चयन हुआ था।
सबसे मार्मिक तथ्य यह है कि सिर्फ चार महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। शादी के महज पाँच दिन बाद ही वे “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत ड्यूटी पर लौट गए थे। नियोजित था कि वे 7 सितंबर को घर लौटेंगे – लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। उस दिन वे छुट्टी पर नहीं, तिरंगे में लिपटे हुए अपने गांव लौटे।
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जब शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हजारों की संख्या में स्थानीय लोग, परिजन और शुभचिंतक उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर आंख नम थी, हर दिल गर्व से भरा।
2 सितंबर को पटना एयरपोर्ट पर शहीद जवान के शव को लाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री कृष्ण कुमार मंटू समेत कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा – “देश को तुम पर गर्व है।”
छोटू शर्मा न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे सारण और बिहार के लिए गौरव हैं। उन्होंने यह दिखा दिया कि एक सच्चा सैनिक देश के लिए जीता है और देश के लिए ही मरता है।
शहीद जवान को नमन
“जिस मिट्टी ने तुझे पाला, अब वह तुझ पर गर्व करेगी,
तू सो रहा है जिस चादर में, वह तिरंगा लहर करेगा।”





