Dhanbad News: खबर सिंदरी के सिंदूरपुर पंचायत के आसपास चल रहे कई हार्ड कोक भट्टे ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये भट्टे छोटे जल स्रोतों से पानी लेकर काम करते हैं और फिर रसायनों से मिला दूषित पानी वापस उन्हीं तालाबों में छोड़ देते हैं। इससे न केवल पानी प्रदूषित होता है, बल्कि ग्रामीणों को खुजली जैसी गंभीर त्वचा संबंधी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों में कोयले की धूल उनके घरों तक पहुँचती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। पर्यावरण को भी नुकसान साफ दिखाई देता है।
सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी:
स्थानीय लोगों के अनुसार, भट्टा संचालक किसी भी सरकारी दिशा-निर्देश का पालन नहीं करते। न तो वे धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव करते हैं और न ही प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपाय करते हैं। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर संबंधित प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
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प्रशासन से मांग:
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इन भट्टों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने पर्यावरण विभाग और जिला प्रशासन से इन भट्टों की जाँच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।





